Ira Web Patrika
मार्च 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आप सभी को नवरात्रि एवं ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
दिवाकर पांडेय 'चित्रगुप्त' की ग़ज़लें

पहली आरी सीधे पेड़ों पर चलती है
मेरे बच्चों ज़्यादा भी मत अच्छा होना

गुलशन मदान की ग़ज़लें

बहुत बिकती हैं तलवारें-कटारें
सुई  का धंधा मंदा चल रहा है

शिज्जू शकूर की ग़ज़लें

दर्द की शक्ल बदलते ही बदल जाते हैं
मेरे अल्फ़ाज़ नये सांचों में ढल जाते हैं

क्या ज़रूरी है कि ठोकर से सबक़ ले कोई
जो समझदार हैं, पहले ही सँभल जाते हैं

पुष्पेंद्र 'पुष्प' की ग़ज़लें

 
ख़्वाब किसी के अक्सर आँखों के रस्ते
नींद  उड़ा  ले  जाते  हैं  तन्हाई में