Ira Web Patrika
मार्च 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आप सभी को नवरात्रि एवं ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
डॉ. अशोक गुजराती की लघुकथाएँ

डॉ. अशोक गुजराती की लघुकथाएँ हमारे समाज और राजनीति के खोखले ढकोसलों पर बड़े सलीक़े से चोट करती हैं। ये बहुत बारीकी के साथ अपनी रचनाओं की बुनावट करते हैं और जहाँ ज़रूरत होती हैं, वहाँ कटाक्ष कर मार्मिक प्रहार करते हैं। इनकी लघुकथाओं में हमारा समय अपने भले-बुरे दोनों पक्षों के साथ चित्रित होता है। प्रस्तुत रचनाएँ रचनाकार के सामर्थ्य को पूरी तरह उजागर करती हैं।

- के० पी० अनमोल

सीमा सिंह की लघुकथाएँ

सीमा सिंह लघुकथा विधा की सिद्धहस्त रचनाकार हैं। सुगढ़ कहन के साथ इनकी लघुकथाओं का कथ्य बिलकुल ज़मीनी और हमारे आसपास का है। इनकी प्रस्तुत लघुकथाओं में देखा जा सकता है कि ये छोटी-छोटी कहानियाँ ऐसी हैं, जैसे हमारे आसपास की रोज़ घटित होती घटनाएँ। ऐसी घटनाएँ, जिन की ओर शायद ही हमारा अधिक ध्यान जाता हो। लेकिन रचनाकार की परिपक्वता ही है कि उन नियमित घटनाओं में भी वे ऐसे सबक़ हमारे सामने रखती हैं, जो जीवन जीने का एक सलीक़ा सौंप देते हैं हमें। मार्मिकता इनकी कथाओं का मज़बूत पक्ष है, तो सूक्ष्म अन्वेषण की क्षमता उनका आधार।

- के० पी० अनमोल

प्रेरणा गुप्ता की लघुकथाएँ

माँजी के करुण विलाप से सबका हृदय काँप उठा, “तेरी कही बात सच हो जाएगी बहू, सपने में भी न सोचा था। अब तो ज़िंदगी पर से मेरा भरोसा ही टूट गया।”
जैसे ही चार काँधे अर्थी को उठाने के लिए आगे बढ़े, वह चीख पड़ीं, “अरे, ये तो बताओ, कौन-से घाट लिए जा रहे हो बहू को?”

बेटे की आँखों से झर-झर आँसू बहने लगे, काँपती आवाज़ में बोला, “उसकी देह मेडिकल कॉलेज दान के लिए भेजी जा रही है, उसकी यही तो एक अंतिम इच्छा थी।”

सुजाता की लघुकथाएँ

अपने साथियों की दर्द भरी कहानी सुनकर हवा की आँखें भीग गयीं- मेरी अपनी दास्तान कुछ ऐसी ही है भाई!