Ira Web Patrika
मार्च 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आप सभी को नवरात्रि एवं ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
शमीम हयात  की ग़ज़लें

चाँद, सितारे, नदियाँ, सागर, धरती, अंबर महकेंगे
तुम आओ तो पतझड़ में भी गुल शाखों पर महकेंगे

संदल की ख़ुश्बू का डेरा है अब तेरी जुल्फों में
गर बैठी जूड़े में तेरे तितली के पर महकेंगे

 

अशोक रावत की ग़ज़लें

मान   लेंगे,  आपका जो   भी  इरादा हो
शर्त  क्या हैं  मान्यवर, ये  तो खुलासा हो

फ़ानी जोधपुरी की ग़ज़लें

फ़ानी जोधपुरी उर्दू की युवा ग़ज़ल का प्रतिनिधि नाम हैं। इनकी ग़ज़ल जहाँ एक तरह तमाम परंपरागत पैमानों को निभाते हुए चलती हैं, वहीं दूसरी तरफ आधुनिकता को भी अपनी ज़द में समेटती हुई एक नया रास्ता तैयार करती हैं। इनकी ग़ज़लें सही मायनों में उर्दू ग़ज़ल की जगमगाती हुई रोशन राहों में नई तरह के उजाले भरती हैं।

अश्विनी कुमार त्रिपाठी की ग़ज़लें

अश्विनी कुमार त्रिपाठी हिंदी की ग़ज़ल का एक प्रतिभाशाली युवा नाम हैं। इनकी ग़ज़लों में ग़ज़ल की परंपरागत नफ़ासत के साथ अपने समय का सच बाख़ूबी दर्ज होता है। मज़बूत शिल्प, प्रभावी कहन और सरोकारसंपन्नता इनकी ग़ज़लों की विशेषताएँ हैं।