Ira Web Patrika
मार्च 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आप सभी को नवरात्रि एवं ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
रश्मि शर्मा 'सबा' की ग़ज़लें

दर्द बेताब है अल्फ़ाज़ में ढलने  के   लिए
रास्ता चाहिए सब को ही निकलने के लिए

डॉ० अल्पना सुहासिनी की ग़ज़लें

समर अब ख़ुद ही लड़ना है, निरंतर आगे बढ़ना है
सो अपने दिल में हिम्मत का नगीना तुमको जड़ना है

अलका मिश्रा की ग़ज़लें

टूट गया जब सब्र नदी का उस लम्हा
जितने  थे  मज़बूत  किनारे  टूट  गए

अंजू केशव की ग़ज़लें

आपको माना कि बारिश चाहिए
बादलों को पर गुज़ारिश चाहिए

है तो औरत ही भले सीता ही है
तो उसे भी आज़माइश चाहिए