Ira Web Patrika
नवम्बर-दिसम्बर 2025 संयुक्तांक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
निवेदिताश्री के माहिए

यह देह पुरानी है
मोह नहीं करना
नित आनी-जानी है

शकुंतला अग्रवाल 'शकुन' के माहिए

धन एक छलावा है।
बात पते की है,
सब एक दिखावा है।।

डॉ० निधि सिन्हा 'निदा' के माहिए

गर सच्चा यार मिले,
रब की रहमत का,
समझो दरबार खुले। 

अल्का 'शरर' के माहिए

तुम मेरी हक़ीक़त हो, 
इतना पता है तुम 
जीने की ज़रूरत हो।