Ira Web Patrika
जुलाई-सितंबर 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
मधु मधुमन की ग़ज़लें

ख़्वाब देखे थे बुलंदी-ए-फ़लक के लेकिन
घर की देहलीज़ तलक पार नहीं कर पाए

सीमा विजयवर्गीय की ग़ज़लें

जहाँ इक तड़प हो, समर्पण हो दिल में
वो रिश्ते निभाना, अगर हो सके तो

लता जौनपुरी की ग़ज़लें

मुश्किलों में भी मिलेगी तुझको मंज़िल की डगर
सिर्फ़ अर्जुन की तरह तू लक्ष्य का संधान कर

तरुणा मिश्रा की ग़ज़लें

दरिया किसी की प्यास का सहरा से जा मिला
दोनों ने अपनी तिश्नगी आपस में बाँट ली