Ira Web Patrika
मार्च 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आप सभी को नवरात्रि एवं ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
नेहा राजपुरोहित की कविताएँ

नेहा की प्रस्तुत कविताएँ आज की शिक्षित, सजग एवं आत्मविश्वास से भरी हुई महिला की अभिव्यक्ति हैं। एक तरफ ये कविताएँ आधी आबादी की शेष दुनिया से टूटी हुई उम्मीदों के बाद की स्थिति का बयान हैं, वहीं दूसरी तरफ यह आत्मबोध का आख्यान कि उसे अपने लिए आप खड़े होना होगा। इन कविताओं में जहाँ अपने संसार, परिवेश से अवगत होना है, वहीं अपनी सामर्थ्य, अपने बल की पहचान भी।

निहाल सिंह की कविताएँ

धीमे-से चीखता हुआ
कहता है खिलौने ले लो, खिलौने ले लो
दस मीटर दूर तक भी
नही पहुँच पा रही उसकी दबी हुई आवाज़

पवन कुमार मारूत की कविताएँ

पुनर्बलन
एक ऐसा साधन है
जो उत्साह उत्पन्न कर देता है काम करने का
बाल-फूलों ने तिल झड़ाये दिनभर
लालच में खिचड़ी के

निधि व्यास की कविताएँ

केवल जो जीता जाए, वो ही प्रेम नहीं
हार कर भी प्रेम सदैव रहता है
एक-दूसरे के हृदयस्थल पर
एक-दूसरे का प्रेम रहता है