Ira Web Patrika
मार्च 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आप सभी को नवरात्रि एवं ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
डॉ० कृष्ण कुमार 'नाज़' की ग़ज़लें

ज़िंदाबाद मोहब्बत, तेरे दीवाने भी ज़िंदाबाद
ज़ात फ़ना कर बैठे अपनी और नज़ीरें छोड़ गए

रामचरितमानस, रामायण, भगवद्गीता, वेद, पुराण
अभिनंदन उन पुरखों का जो ये जागीरें छोड़ गए

अल्का 'शरर' की ग़ज़लें

दिन भर तो उजली धूप सी निखरी रही हँसी
आयी जो शाम पलकों पे ग़म मुस्कुरा दिए

मधु मधुमन की ग़ज़लें

ख़्वाब देखे थे बुलंदी-ए-फ़लक के लेकिन
घर की देहलीज़ तलक पार नहीं कर पाए

सीमा विजयवर्गीय की ग़ज़लें

जहाँ इक तड़प हो, समर्पण हो दिल में
वो रिश्ते निभाना, अगर हो सके तो