Ira Web Patrika
जुलाई-सितंबर 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
यदि हिन्दी ग़ज़ल कह रहे हैं तो उसमें हिन्दी के दर्शन हों- नवीन सी० चतुर्वेदी

नवीन सी० चतुर्वेदी एक बहुआयामी व्यक्तित्व हैं। साहित्य-लेखन में चाहे विविध विधाओं का सृजन हो अथवा विभिन्न भाषाओं का, चतुर्वेदी जी की क़लम सबको साधती है। वे अलग-अलग भाषाओं-विधाओं में केवल लिखते भर नहीं, बल्कि पूर्ण अधिकार के साथ रचना करते हैं। हिन्दी की विभिन्न छंदबद्ध कविताएँ, उर्दू की अनेक विधाओं की काव्य रचनाएँ, ब्रज- गुजराती-मराठी की ग़ज़लें, चुटीले व्यंग्य लेख आदि इनकी सृजना में आकार पाते हैं। पिछले दिनों ऐसे सिद्ध तथा प्रसिद्ध रचनाकार के साथ इरा वेब पत्रिका के संपादक एवं ख्यात ग़ज़लकार-समीक्षक के० पी० अनमोल को संवाद का अवसर मिला। प्रस्तुत है दोनों के बीच हुई बातचीत।

सन्दीप तोमर से शालिनी कपूर की बातचीत

 लेखन और पठन का सफर कभी सरल नहीं होता- सन्दीप तोमर

लोक और प्रकृति दोनों एक-दूसरे की पूरक हैं- आशा पाण्डेय ओझा 'आशा'

आशा पाण्डेय ओझा 'आशा' समकालीन साहित्य में एक जाना-पहचाना नाम हैं। बाल-साहित्य, दोहा, ग़ज़ल, गीत, मुक्तछंद कविता तथा आलोचना-समीक्षा में न केवल लिखती हैं बल्कि सम्मानित भी होती हैं। एक सशक्त और खरे लेकिन बहुत सहज तथा वात्सल्यमयी व्यक्तित्व की धनी आशा जी से हिंदी ग़ज़ल के चर्चित युवा कवि, संपादक एवं समीक्षक के० पी० अनमोल का संवाद इरा वेब पत्रिका के पाठकों के लिए प्रस्तुत है।

कोई रचनाकार किसी दूसरे रचनाकार का विकल्प हो ही नहीं सकता- डॉ० भावना

डॉ० भावना हिंदी की ग़ज़ल में अपना एक विशिष्ट स्थान रखती हैं। आप एक ग़ज़लकार, ग़ज़ल आलोचक एवं संपादक के रूप में लगातार सक्रिय हैं तथा साहित्य के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान कर रही हैं। महिला दिवस के अवसर पर हिंदी की इस उल्लेखनीय महिला रचनाकार के साथ युवा आलोचक ज़ियाउर रहमान जाफ़री ने इनके लेखकीय एवं व्यक्तिगत जीवन तथा ग़ज़ल के विभिन्न पक्षों को लेकर एक अच्छी बातचीत की। प्रस्तुत है उनका पूरा संवाद।