Ira Web Patrika
मार्च 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आप सभी को नवरात्रि एवं ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
डॉ० आरती कुमारी की ग़ज़लें

ताज पाने के लिए क्या-क्या नहीं होता यहाँ पर
क्यों मिला था राम को वनवास हम सब जानते हैं

चाँदनी 'समर' की ग़ज़लें

मुज़फ्फ़रपुर, बिहार की उभरती हुई ग़ज़लकार चाँदनी 'समर' की ग़ज़लें आम-फ़हम भाषा की सधी हुई ग़ज़लें हैं। इनके पास ग़ज़ल का पारंपरिक रंग भी है और अपने दौर की फ़िक्र भी। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए चाँदनी, अदब में भी अच्छा मुकाम बनाने के लिए अग्रसर हैं।

डॉ० राकेश जोशी की ग़ज़लें

डॉ० राकेश जोशी की ग़ज़लें अपने समय के यथार्थ का पूरा ख़ाका खींचती हैं। इनकी ग़ज़लों में सत्ता और व्यवस्थाओं के खेल, माफ़ियाओं का आतंक, आम आदमी को वंचित रखने की कवायदें, नदी-पेड़-पर्वतों की चिंता, समाज के अशिक्षित तथा ग़ैरज़िम्मेदार इंसान की कारगुज़ारियाँ आदि वे सब चीज़ें मिलती हैं, जिनसे दुःख पैदा होते हैं। अच्छी बात यह भी है कि डॉ० जोशी अपनी ग़ज़लों में लगातार आम आदमी को सम्बोधित किये रहते हैं और उसे इन दुखों से, इन मुसीबतों से पार होने के तरीक़े समझाते रहते हैं। पर्यावरण, पहाड़ और पहाड़ी जीवन की झलक इनकी ग़ज़लों में जगह-जगह देखने को मिलती है।

डॉ० उपमा शर्मा की पाँच ग़ज़लें

पेशे से दंत चिकित्सक डॉ० उपमा शर्मा उर्दू ग़ज़ल के कारवां को आगे बढ़ाता एक नया नाम है। इनकी ग़ज़लगोई का परंपरागत लबो-लहजा आकर्षित करता है। प्रेम के विभिन्न रूप और दर्शन की उपस्थिति इनकी ग़ज़लों के मूल तत्व हैं। यहाँ प्रस्तुत हैं इनकी पाँच चुनिंदा ग़ज़लें।