Ira Web Patrika
मार्च 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आप सभी को नवरात्रि एवं ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
अनामिका सिंह के नवगीत

हमने जो
रेखाएँ खीचीं
रबर फिरा दी तुमने उन पर
फिर भी काग़ज़
अगर उठाया
तुमने लिखा रसोई , बिस्तर

रमेश गौतम के नवगीत

फिर घिनौने
क्षण हमें घेरे हुए
एक गौरेय्या गगन कैसे छुए

वसंत जमशेदपुरी के गीत

बरसाने की राधा हो तुम,
ब्रज का हूँ नटनागर मैं।
वृंदावन की कुंज गली तुम,
मैं यमुना का तीर प्रिये।

जयराम जय के नवगीत

परिवर्तन का ढोल पीटते
थके नहीं अभिनेता
कलयुग को भी बातचीत में
बता रहे हैं त्रेता
झूठ बोल करके ही सबका
मन कब से बहलाए