Ira Web Patrika
जुलाई-सितंबर 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
शाहरूख बेग की ग़ज़लें

युवा ग़ज़लकार शाहरूख बेग़ की ग़ज़लें पारंपरिक लबो-लहजे की ग़ज़लें हैं, लेकिन इनकी कहन की ताज़गी प्रभावित करती है। हुस्न-इश्क़, प्यार-मुहब्बत, हिज़्र-विसाल के बीच ग़रीबी की लाचारी और दुनिया की हक़ीक़त भी इनकी ग़ज़लों में दिखाई पड़ती है।

अनुभव राज के गीत

अनुभव राज बेहद प्रतिभासंपन्न युवा रचनाकार हैं। छोटी-सी उम्र में इन्होने अनेक विधाओं में लेखन किया है तथा साहित्य की दुनिया में अपना स्थान निर्धारित किया है। आरंभिक समय में ही इनके पास साहित्य तथा जीवन की अच्छी समझ है, जिसके बूते वे सुगढ़ रचनाओं का सृजन करते हैं। यहाँ प्रस्तुत हैं इनकी गीत विधा की कुछ रचनाएँ, जो जीवन के अभावों-नैराश्यों के भँवर में उतार-चढ़ाव के बावजूद उम्मीद का दामन थामे रहने की प्रेरणा देती हैं। अभाव और निराशाएँ प्राप्ति तथा आशाओं की भूमिकाएँ होती हैं, उनका रचनाकार यह बाख़ूबी जानता है।

- संपादक

नेहा राजपुरोहित की कविताएँ

नेहा की प्रस्तुत कविताएँ आज की शिक्षित, सजग एवं आत्मविश्वास से भरी हुई महिला की अभिव्यक्ति हैं। एक तरफ ये कविताएँ आधी आबादी की शेष दुनिया से टूटी हुई उम्मीदों के बाद की स्थिति का बयान हैं, वहीं दूसरी तरफ यह आत्मबोध का आख्यान कि उसे अपने लिए आप खड़े होना होगा। इन कविताओं में जहाँ अपने संसार, परिवेश से अवगत होना है, वहीं अपनी सामर्थ्य, अपने बल की पहचान भी।

निहाल सिंह की कविताएँ

धीमे-से चीखता हुआ
कहता है खिलौने ले लो, खिलौने ले लो
दस मीटर दूर तक भी
नही पहुँच पा रही उसकी दबी हुई आवाज़