Ira Web Patrika
जुलाई-सितंबर 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
पवन कुमार मारूत की कविताएँ

पुनर्बलन
एक ऐसा साधन है
जो उत्साह उत्पन्न कर देता है काम करने का
बाल-फूलों ने तिल झड़ाये दिनभर
लालच में खिचड़ी के

निधि व्यास की कविताएँ

केवल जो जीता जाए, वो ही प्रेम नहीं
हार कर भी प्रेम सदैव रहता है
एक-दूसरे के हृदयस्थल पर
एक-दूसरे का प्रेम रहता है

भानु झा की ग़ज़लें

देखिए  आज  उसकी वुसअत में
मैं भी किस हद तलक समाता हूँ

अर्चना अनुप्रिया की कविताएँ

रिश्ते-नाते के अपने नियम
स्वार्थ-परमार्थ की आँख मिचौली
अपने-पराए की विचित्र कहानी
कभी दुश्मनी, कभी हमजोली
हर व्यवहार अपने कर्मों से
स्वयं को सिद्ध करने को बेताब
पल-प्रतिपल लिखती रहती है
ज़िंदगी हर मानव की किताब