Ira Web Patrika
जुलाई-सितंबर 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
वसंत जमशेदपुरी के दोहे

पतझड़  ही आता सदा, लेकर सुखद वसंत।
सार समझ संसार का, दुख का होगा अंत।।

आशा अमित नशीने के सवैये

आशा अमित नशीने के गीत एवं छंदों पर महारत हासिल है। आपकी लेखनी बहुत सशक्त है।

शाहजहाँ शाद के दोहे

पैसे से ही भागती, है जीवन की रेल

अशोक कुमार पाण्डेय 'अशोक' के घनाक्षरी छन्द

इस अंक में छन्द विधान के ज्ञाता, की पुस्तकों के रचयिता एवं ब्रज कुशमेश के संपादक वरिष्ठ कवि अशोक कुमार पाण्डेय 'अशोक'  के घनाक्षरी छन्द पढ़िए।