Ira Web Patrika
मार्च 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आप सभी को नवरात्रि एवं ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
श्वेता राय के सवैया छन्द

अंग अनंग तरंग उठाकर प्रेम सुधा बिखरावत नैना।
मान बसे मनुहार लिए उर चैन चुराय रिझावत नैना।

सरोज सिंह 'सूरज' के छन्द

भले हो कितना भी संत्रास
भोर आएगी रख विश्वास ।
देख तटरेखा है अब पास ।
अरे नाविक रख मन में आस।।

सरोज सिंह 'सूरज' के छन्द

भले कितनी गहरी हो पीर 
नयन तू मत बरसाना नीर ।
न खोना रे मन तू विश्वास  
तेरा कट जायेगा बनवास ।।