Ira Web Patrika
जुलाई-सितंबर 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
नफ़रतों को प्यार से मिटाने की मुकम्मल कोशिश : हमन है इश्क़ मस्ताना- अविनाश भारती

डॉ० भावना ने इस प्रेम-ग्रंथ में कुल 109 ग़ज़लकारों को शामिल किया है, जिनमें आदि से वर्तमान के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर मौजूद हैं। सबकी दो-दो प्रतिनिधि ग़ज़लों को यथोचित स्थान मिला है।

प्रेम की सच्चाई और गहरापन सहजता से समझाता संग्रह- दिवाकर पाण्डेय 'चित्रगुप्त'

चाँद अब हरा हो गया है एक प्रेम कविता संग्रह है, जिसके संयुक्त रचनाकार के० पी० अनमोल एवं अनामिका कनोजिया 'प्रतीक्षा' हैं। इस संग्रह में प्रेम का शायद ही कोई व्यक्तिगत तथ्य या स्थिति हो, जिसे हमने कभी नहीं महसूस किया हो। इन कविताओं की सार्थकता इसी में है कि पढ़ते समय इनसे एक जुड़ाव-सा महसूस होता है।

हिंदी काव्यधारा में एक नई शुरुआत : संन्यासी और जंगली हवा- सुजाता

संन्यासी और जंगली हवा
(3-19वीं सदी तक की प्रमुख चीनी ज़ेन कविताएँ)
अनुवादक- जतिंदर औलख
प्रकाशक- वेरा प्रकाशन, जयपुर (राजस्थान)
संस्करण- प्रथम, 2024
मूल्य- 150 रुपये

विकलांग विमर्श को नए आयाम देता उपन्यास : एक अपाहिज की डायरी- सरिता खोवाला

कथा-नायक सुदीप पोलियो ग्रस्त है। पोलियो ग्रस्त बच्चे का जीवन बहुत ही कष्टकारी होता है। बच्चा क्या, किसी भी अपाहिज व्यक्ति के लिए जीवन जीना आसान नहीं होता। कहानी के नायक सुदीप ने परिवार के सहयोग और अपने आत्मबल पर ख़ुद को काबिल बनाया।