Ira Web Patrika
जुलाई-सितंबर 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
सुशील कुमार सरना की क्षणिकाएँ

सौ बार मरता है
मरने से पहले
जन्मदाता,
वृद्धाश्रम में
अकेला!

अशोक आनन की क्षणिकाएँ

जब तक-
बिकता रहेगा 
आदमी,
रौनक बनी रहेगी-
बाज़ार में!

आशा खत्री 'लता' की क्षणिकाएँ

गली-गली
मोहल्ले-मोहल्ले
अंतरराष्ट्रीय सम्मान
बँटते हैं,
स्वयंभू साहित्यकार
हर जगह
आ डटते हैं!

 

रमेश कुमार भद्रावले की क्षणिकाएँ

हमने
मिट्टी के चूल्हे की
ताक़त भी
देखी है,
परिवार के पचास
लोगों की रोटियाँ
सुबह-शाम सेंकी है!