Ira Web Patrika
मार्च 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आप सभी को नवरात्रि एवं ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
डॉ० ज्योत्सना मिश्रा की कविताएँ

उस अंतिम वर्षा के
उस भीगे पल में
एक बूँद थी मैं !
तुम्हारी हथेलियों की गुनगुनी
ताल में गीत सी बहकती
अब पतझड़ की पीत गंध हूँ
बिखरी दूर तक
दिशायें मुग्ध हैं मेरे
वैराग्य पर!

चंद्रेश्वर की कविताएँ

क्या अब लोग जानेंगे
नदियों के नाम
रेलगाड़ियों के नामों से
क्या सचमुच की नदियाँ
बदल जायेंगी
रेतीले मैदानों में

सुमन सिंह चंदेल की कविताएँ

रामायण के बीच रखा जाना सुहाएगा उन्हें
जब कोई लगाएगा माथे से
तो मिलेगा एक स्नेहिल स्पर्श भी

जीनस कँवर की कविताएँ

अब वो मुझे प्रेम कहकर
सम्बोधित नहीं करता है
अब पेड़ कहता है
मुझे मेरा चाहने वाला