Ira Web Patrika
मार्च 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आप सभी को नवरात्रि एवं ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
चंद्रेश्वर की कविताएँ

परिपक्व होते ही
रंग प्यार का
दिखता ख़ूब गाढ़ा
पके सिंदूरी आम की तरह

यही समय होता पर
उसके बिछुड़ने का भी
डार से।

सुनीता जैन 'रूपम' की कविताएँ

काँच की आलमारी के अंदर
तुम्हारी तस्वीर लगा कर
नहीं बनाना चाहती तुमको
प्रदर्शन की वस्तु।
तुम तो आज भी प्रतिष्ठित हो
मेरे हृदय पटल पर,

हरिंदर राणावत की कविताएँ

तुम्हारे प्यार ने मुझे बहुत-सी चीज़ों के मतलब समझाए हैं

अर्चना उपाध्याय की कविताएँ

सहेज लेना चाहती हूँ
सभी यादों के पहाड़

शायद उन्हें छूकर लौट सकें
ज़िंदगी की सारी प्रतिध्वनियाँ