Ira Web Patrika
मार्च 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आप सभी को नवरात्रि एवं ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
योगेन्द्र प्रताप मौर्य के बाल-गीत

योगेन्द्र प्रताप मौर्य उत्कृष्ट बाल गीत रचते हैं। इनके गीतों में विषय जितने रोचक हैं, उनकी कहन उतनी ही मज़ेदार। बिलकुल बच्चों वाली मानसिकता तक जाकर वे अपने गीतों को जीवंतता देते हैं। इनके बाल-गीतों का शिल्प और भाषा भी बहुत चुस्त-दुरुस्त हैं। इसी कारण उनमें स्तरीयता और रोचकता के साथ कसावट भी बहुत अच्छी मिलती है। योगेन्द्र जी के बाल गीत बाल साहित्य की आदर्श रचनाएँ हैं।

- के० पी० अनमोल

प्रदीप अवस्थी की बात कविताएँ

मिले सभी का प्यार तुम्हें
खुशियों का संसार तुम्हें

सीढ़ी-सीढ़ी चढ़ते जाओ
हरदम नयी सफलता पाओ

नीता अवस्थी की बाल कुण्डलिया 

सच्चे बालक हम सभी, नहीं बोलते झूठ।
सदा सत्य ही बोलते, चाहे  जाओ  रूठ।।
 
 चाहे जाओ  रूठ, लौटकर फिर आओगे।
सच का दर्पण देख, बाद में पछताओगे।।
 
मन के कोमल भाव, उमर के हैं हम कच्चे।
मगर इरादे नेक, हृदय के बिल्कुल सच्चे।।

डॉ० प्रदीप अवस्थी के बालगीत

पौधा माँ के नाम लगायें
धरती माँ को हरा बनायें

जीवन का माँ पोषण करती
बच्चों के कष्टों को हरती