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नवम्बर-दिसम्बर 2025 संयुक्तांक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।

नीता अवस्थी की बाल कुण्डलिया 

नीता अवस्थी की बाल कुण्डलिया 

सच्चे बालक हम सभी, नहीं बोलते झूठ।
सदा सत्य ही बोलते, चाहे  जाओ  रूठ।।
 
 चाहे जाओ  रूठ, लौटकर फिर आओगे।
सच का दर्पण देख, बाद में पछताओगे।।
 
मन के कोमल भाव, उमर के हैं हम कच्चे।
मगर इरादे नेक, हृदय के बिल्कुल सच्चे।।

माता वीणावादिनी, विनती बारंबार।
नन्हें बालक हम सभी, आए तेरे द्वार।।
 
आए तेरे द्वार, लिए हम गणित–पढ़ाई।
समझ न पाते सूत्र, भले सिर करें धुनाई।।
 
मास्टर जी का रूल, रोज हमको समझाता।
मिले ज्ञान की राह, सहायक हों यदि माता।।
 
 
भोले बाबा दो हमें, एक यही वरदान।
कक्षा में अव्वल रहें, सीखें सुन्दर ज्ञान।।
 
सीखें सुन्दर ज्ञान, निरंतर बढ़ते जाएँ।
रखकर नेक विचार, भलाई ही अपनाएँ।।
 
वाणी हो मृदु सभ्य, कभी कटु वचन न बोले।
पढ़ लिख बनें महान, शरण में तेरी भोले।।
        
 
आगे चलकर के रचें, भारत भाग्य विधान ।
ये बच्चे ही तब बनें, भारत माँ की शान ।। 
 
भारत माँ की शान, देश का मान बढ़ाएँ। 
मिला ताल से ताल, लक्ष्य पर चलते जाएँ।।
 
वाणी के धनवान, सदा ही रहते जागे।
मेरा राष्ट्र महान, करेंगे बच्चे आगे।।
 
 
मोबाइल को दूर रख, करो पढ़ाई खूब।
खड़ी परीक्षा पास में, रैंक न जाए  डूब।।
 
रैंक न जाए डूब, बहुत फिर पछताओगे।
स्वप्न गए गर टूट, अरे क्या बतलाओगे।।
 
करो अभी सब आज , बंद अपनी प्रोफाइल।
थोड़े दिन की बात, दूर कर दो मोबाइल।।
  
 
पेड़ लगाएँ मिल सभी, देते हैं फल- फूल।
इन्हें काटने की कभी, मत करना तुम भूल।।
 
मत करना तुम भूल, हमें देते ऑक्सीजन।
देते औषधि छाँव, और देते हैं ईंधन।।
 
जीवनदाता पेड़, हमें गुरुजी  बतलाएँ।
करें प्रदूषण दूर, अधिक हम पेड़  लगाएँ ।।
    
 
सच्चे बालक हम सभी, नहीं बोलते झूठ।
सदा सत्य ही बोलते, चाहे  जाओ  रूठ।।
 
 चाहे जाओ  रूठ, लौटकर फिर आओगे।
सच का दर्पण देख, बाद में पछताओगे।।
 
मन के कोमल भाव, उमर के हैं हम कच्चे।
मगर इरादे नेक, हृदय के बिल्कुल सच्चे।।
     
 
सर्दी ने खटका दिया, ज्यों ही मेरा द्वार।
दादी लेने चल पड़ी, लेने को हथियार।।
 
लेने को हथियार, सलाई ऊनी गोला।
स्वेटर, कम्बल, शाल, बन रहीं बैठ खटोला।।
 
सबसे पहले बनी, प्रभू कान्हा की वर्दी।
सदा निभाते साथ, न देखें गर्मी सर्दी।।
 
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रचनाकार परिचय

नीता अवस्थी

ईमेल :

निवास : कानपुर (उत्तर प्रदेश)

जन्मतिथि- 15 दिसंबर
जन्मस्थान- उन्नाव
लेखन विधा- दोहा ,कुण्डलिया, गीत, नवगीत, तेवरी, बाल काव्य, राज छंद अनेक  विधाओं में लेखन..
शिक्षा- परास्नातक हिन्दी , समाज शास्त्र
सम्मान- विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित 
प्रकाशन- कई एकल काव्य संग्रह एवं बाल साहित्य प्रकाशित 
विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में एवं साझा संकलनों में प्रकाशित 
मोबाइल- 9169222741