Ira Web Patrika
जुलाई-सितंबर 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
चक्रधर शुक्ल की बालकाविताएं

लिट्टी-चोखा खाओगे।
सत्तू उसमें पाओगे।।

सत्तू जो भी खाएगा।
गर्मी से बच जाएगा।।

शादाब आलम की बाल कविताएँ

बिल्ली है फुलवारी में
फूल सभी दुश्वारी में।

नीता अवस्थी की बाल रचनाएँ

होली का त्योहार आ गया,
मगर नहीं वह आए।
घर-परिवार छोड़ कर अपना,
ड्यूटी सदा निभाए।।

कैलाश बाजपेयी के बालगीत

एक  पहेली   सी  लगती  है
धरती जब करतब करती  है
हम बच्चे कुछ समझ न पाते
दादा  जी  हमको  समझाते।