Ira Web Patrika
जुलाई-सितंबर 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
कम शब्दों में बात कहने की आदत ने ग़ज़ल कहने की ओर अग्रसर किया: ऋषिपाल धीमान

अपनी ग़ज़लों में यथार्थपरकता तथा पारंपरिकता का अच्छा संगम करने वाले, लोक सम्पृक्त रचनाधर्मिता के साथ हिन्दी की ग़ज़लों को सँवारने वाले प्रतिष्ठित ग़ज़लकार ऋषिपाल धीमान जी से के० पी० अनमोल की एक बातचीत आप सभी पाठकों के लिए प्रस्तुत है। धीमान जी माधोपुर (रुड़की) की उपज हैं तथा अहमदाबाद (गुजरात) में व्यवस्थित हैं। इनके अब तक कुल 5 ग़ज़ल संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं तथा ये हिन्दी साहित्य अकादमी, गुजरात से सम्मानित भी हो चुके हैं।