Ira Web Patrika
मार्च 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आप सभी को नवरात्रि एवं ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
तालाब: ग्राम्य जीवन का आधार- आशा पाण्डेय

हमारी संस्कृति में प्रकृति के विभिन्न रूपों– जिनसे हमें कुछ प्राप्त होता है, हमारा जीवन सहज हो चलता है– के प्रति कृतज्ञ होने की परम्परा है। बरगद, पीपल, तुलसी, साँप, गाय, बैल आदि के प्रति कृतज्ञ होकर उनकी पूजा करने वाला ग्राम्य-जीवन भला तालाब की पूजा को कैसे भूलता! इसलिए घर के वैवाहिक उत्सवों में तालाब पूजन का विधान रखा गया।