Ira Web Patrika
जुलाई-सितंबर 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
नीलम तोलानी 'नीर' नीलम तोलानी 'नीर'
निवास इंदौर (मध्य प्रदेश)
भाषा neelamtolani23@gmail.com

जन्मतिथि- 23 मई 1976
जन्मस्थान- इंदौर
लेखन विधा- गद्य एवं पद्य की लगभग सभी विधाओं में लेखन।
शिक्षा- बी.एस.सी.
MFA,(FINANCE),
WSP ..IIM BANGLURU
संप्रति- स्वतंत्र लेखन
प्रकाशन-
कितना मुश्किल कबीर होना(एकल)
साझा संग्रह:
1-शब्द समिधा
2-शब्द मंजरी
3-गूँज
4- शब्दों की पतवार
5- स्वच्छ भारत
6- सिंधु मशाल(पत्रिका सिंध साहित्य अकादमी)
7- हर पेड़ कुछ कहता है
* सिसृषा ,ब्रज कुमुदेश , काव्यांजलि जैसी छंद पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशन।
* कई समाचार पत्र तथा पत्रिका ,दैनिक भास्कर,नईदुनिया में निरंतर प्रकाशन
प्रसारण-आकाशवाणी इंदौर से कई बार कविता पाठ
सम्मान/पुरस्कार-
1- एस एन तिवारी स्मृति कृति पुरुस्कार २०२३
(कितना मुश्किल कबीर होना कृति पर)
2- उड़ान वार्षिक प्रतियोगिता २०२३ में तृतीय पुरस्कार
3- 2019 में श्रेष्ठ लघुकथा कार व छन्द लेखन में पुरुस्कृत।
4- अंतरराष्ट्रीय पत्रिका राम काव्य पीयूष में गीत का चयन ,प्रकाशन
5- women web राष्ट्रीय हिंदी कविता प्रतियोगिता में poet of year अवार्ड 2019
6- उड़ान सारस्वत सम्मान
7- उड़ान गद्य सम्राट
8-.सिंधु प्रतिभा सम्मान 2019
9- सिंध साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश द्वारा कई बार सिंधी रचनाओं के लिए पुरुस्कृत
संपर्क-114 बी,स्कीम नंबर 103
केसरबाग रोड,विनायक स्वीट के पास
इंदौर-452012 (मध्य प्रदेश)
मोबाइल-9977111665


उपन्यास (6 रचनाएँ)

नीलम तोलानी 'नीर' के लघु-उपन्यास 'करवाचौथ' की अंतिम कड़ी

(कमरा नंबर 102... पाय हॉस्पिटल.. गोवा..) कबीर धीरे-धीरे अपनी आँखे खोल रहा है ...धुंधले से चेहरे... पापा ...मम्मी... निशांत अंकल... "मैं यहाँ कैसे? सहसा कुछ याद...

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नीलम तोलानी 'नीर' के लघु-उपन्यास 'करवाचौथ' की पाँचवीं कड़ी

कबीर के फ्लैट की बालकनी....शाम 7 बजे..ठंडी हवा चल रही है,कबीर स्निग्धा के हाथ थामे खड़ा हुआ हैं। दोनों अपने में खोए बातचीत में मशगूल है। कभी कभी स्निग्धा के लंबे...

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नीलम तोलानी 'नीर' के लघु-उपन्यास 'करवाचौथ' की चौथी कड़ी

वह अपरिपक्व नादान बालिका उस वक़्त कहाँ समझती थी, कि पापा चाहे जितने बदल गए हों ...मम्मी पर, उस पर चिल्लाते हों,पर ये उनका डर था।रोज़,हर क्षण नियति से हारते जाने क...

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नीलम तोलानी 'नीर' के लघु-उपन्यास 'करवाचौथ' की तीसरी कड़ी

अब जबकि कहीं जाने की कोई योजना तो थी नहीं.. यूँ ही सड़कों पर आधा घण्टा भटकने के बाद कबीर "कैनन बूट" तट पर पहुँचा... पार्किंग से ही समुद्र की अतुल्य राशि निहारने...

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नीलम तोलानी 'नीर' के लघु-उपन्यास 'करवाचौथ' की दूसरी कड़ी

"सर यह फाइल देख लीजिए.. वह लोग बाहर आ ही गए हैं "। शाइन एंड शाइन से श्रीमान अरविंद जी !(कबीर फाइल देख रहा है तभी दरवाजा खुलने की आवाज आती है।)जैनी के साथ श्रीमा...

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नीलम तोलानी 'नीर' के लघु-उपन्यास 'करवाचौथ' की पहली कड़ी

नवंबर शुरू हो रहा था, सुबह हल्की ठंड पड़ने लगी थी... कबीर जी शॉल ओढ़े हाथ में कॉफी का मग लिए, दालान में बैठे सामने नीम के बगीचे को निहार रहे थे।देखो स...

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इरा वेब पत्रिका में नीलम तोलानी 'नीर' की रचनाएँ