Ira Web Patrika
जुलाई-सितंबर 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
उत्सवों का देश और चुनावी परिवेश- अलका मिश्रा

ख़बरों को तीख़े तेवर देने के लिए मीडिया इसे चुनावी समर भी कहा जाने लगा है। समर शब्द लगते ही यह बिल्कुल युद्ध जैसा प्रतीत होने लगता है और हर नेता, हर पार्टी निजी स्वार्थों के चलते इतने सुंदर समाज में अपने भड़काऊ वक्तव्यों से प्रेम से सराबोर दिलों में ज़हर घोलने का काम करना शुरू कर देते हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मेरी नज़र से- अलका मिश्रा

जिन परों में उड़ानन ज़िंदा  है
उनमें इक आसमान ज़िंदा है

वसंत पञ्चमी की हार्दिक शुभकामनाएँ- अलका मिश्रा

प्रवेशांक पर आपकी पहुँच एवं प्रतिक्रियाओं द्वारा उत्साहवर्धन करने हेतु आप सभी का हार्दिक आभार। आपसे यह निवेदन है कि आप निरंतर इसी प्रकार अपने सुझाव, रचनाएँ एवं प्रतिक्रियाएँ देकर हमारी इस यात्रा में हमारे सहयोगी बने रहें।

चेतना का बहुआयामी स्वर- अलका मिश्रा

शायद इसी का नाम ज़िन्दगी है, ये कभी भी एक जैसी नहीं रहती नित नये स्वांग रचाती है, कभी हँसाती है तो कभी आँखों में पानी ले आती है। इसीलिए ज़िन्दगी के प्रति हमारा भी रवैया ऐसा ही होना चाहिए कि हर पल को ज़िन्दादिली से जिया जाये, यदि रास्ते में दुःख आये भी तो दो घड़ी ठहर कर फिर सफ़र पर आगे बढ़ा जाये क्योंकि वक़्त बहुत कम है और करने को बहुत कुछ।