Ira Web Patrika
जुलाई-सितंबर 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।

सनद फाउंडेशन, दिल्ली द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

सनद फाउंडेशन, दिल्ली द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

जब कुछ बच्चों ने सैकड़ों साल पुराना बाल गीत 'मछली जल की रानी है' सुनाया तो सभागार में बैठे बड़े-बुजुर्ग अपने बचपन की यादों में खो गये। इस गीत पर सभागार में बार-बार बजती तालियों ने ये साबित कर दिया कि पारम्परिक बाल गीत, लोक गीत हमारी संस्कृति की ऐसी धरोहर हैं, जो सदियों तक न सिर्फ भारत में अपितु सम्पूर्ण विश्व में अपनी अलग पहचान बना देती हैं।

30 अगस्त 2026 को सनद फाउंडेशन, दिल्ली द्वारा संजय कैंप, चाणक्यपुरी, दिल्ली में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सर्वश्री डॉ० सविता चड्ढा, डॉ० नीता रानी, डॉ० सैयद अली अख़्तर नक़वी, इन्दुकांत आंगिरस, मिशा सिंधु और शिवनलाल जलाली ने अपनी कविताओ और गीतों से श्रोताओं को भाव-विभोर किया। संजय कैंप के कुछ बाल कलाकारों ने भी अपनी बाल कविताएँ सुनाकर सब को मन मोह लिया। सभी वक्ताओं ने विशेषरूप से शिक्षा के प्रचार-प्रसार और पुस्तकों के पठन-पाठन पर ज़ोर दिया।

डॉ० सविता चड्ढा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ यह कार्यक्रम अनेक पहलुओं से बेजोड़ रहा। डॉ० सविता चड्ढा ने संजय कैंप के निवासियों को विश्वास दिलाया कि संजय कैंप में रहने वाले विद्यार्थियों के शिक्षा सम्बन्धी यथासंभव मदद प्रदान की जाएगी। हिंदी-उर्दू अदबी संगम, दिल्ली के अध्यक्ष डॉ० सैयद अली अख़्तर नक़वी ने बच्चों को निडरता से सच्चाई के पथ पर आगे बढ़ते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ० नीता रानी ने बच्चों को आशावादी बनने के लिए प्रेरित किया। मार्शियल आर्ट्स के कोच मिशा सिंधु ने बच्चों को समझाया कि अपनी सुरक्षा के लिए मार्शियल आर्ट्स सीखना कितना उपयोगी हो सकता है।

प्रसिद्ध कवि श्री शिवनलाल जलाली का 'चन्दा मामा' बाल गीत सुनकर सभी श्रोता ख़ुशी से झूम उठें। जब कुछ बच्चों ने सैकड़ों साल पुराना बाल गीत 'मछली जल की रानी है' सुनाया तो सभागार में बैठे बड़े-बुजुर्ग अपने बचपन की यादों में खो गये। इस गीत पर सभागार में बार-बार बजती तालियों ने ये साबित कर दिया कि पारम्परिक बाल गीत, लोक गीत हमारी संस्कृति की ऐसी धरोहर हैं, जो सदियों तक न सिर्फ भारत में अपितु सम्पूर्ण विश्व में अपनी अलग पहचान बना देती हैं।

अंत में सनद फाउंडेशन के अध्यक्ष ने सभी कवियों, बाल कलाकारों और दर्शकों का धन्यवाद ज्ञापन किया। बाल शिक्षा पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए यक़ीन दिलाया कि सनद फाउंडेशन शिक्षा के प्रचार-प्रसार से सम्बंधित निकट भविष्य में अधिक रोचक और संगठित कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी। कार्यक्रम का संचालन मिशा सिंधु ने किया।

0 Total Review

Leave Your Review Here

रचनाकार परिचय

टीम इरा वेब पत्रिका

ईमेल : irawebmag24@gmail.com

निवास : कानपुर (उत्तरप्रदेश)