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ज्योति जैन 'ज्योति' के गीत

ज्योति जैन 'ज्योति' के गीत

पैर धरातल पर ही रखना,
सुता, न देना हद उमगाय।

कानन के उल्लासों पर

रोग मुक्त तन यदि चाहें तो, पैदल चलिए घासों पर।
इमारतों के ढेर खड़े अब, कानन के उल्लासों पर।।

वन-दोहन और नदी पाट कर, बढ़ा रहे अवरोधों को,
ऊँचे-ऊँचे चिढ़ा रहे घर लघु से लघुतम पौधों को।
क़ब्र खोदतीं डिजिटल सड़कें, लघु पौधों की साँसों पर।
इमारतों के ढेर खड़े अब, कानन के उल्लासों पर।।

हरियाली बिन यह जीवन तो, सहरा से भी बदतर है,
स्वर्ग कहें हम जिस धरती को, बनी नर्क का वो दर है।
फोड़ रहा उत्कर्ष घड़ा है, धरती मांँ की आसों पर।
इमारतों के ढेर खड़े अब, कानन के उल्लासों पर।।

सूखी नदियाँ, प्यासे जंगल, ठूँठ हुए अब तरु सारे,
फटी धरा की छाती पर हम ढूढँ रहे सुख के तारे।
देख-देख कर विकास हँसता, ऐसी ख़ूनी प्यासों पर।
इमारतों के ढेर खड़े अब, कानन के उल्लासों पर।।

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नमस्कार की ठठरी कस दी

पैर छोड़ अब घुटना छूते,
कहते यंगर हैलो-हाय।
संस्कार की चिता जलाकर,
उनको केवल इंग्लिश भाय।।

वाणी में मिठास हो केवल,
रख सकती तो रखना ध्यान।
मत रक्खो तुम सिर पर पल्लू,
नज़रों से रख लेना मान।।
पैर धरातल पर ही रखना,
सुता, न देना हद उमगाय।
संस्कार की चिता जलाकर,
उनको केवल इंग्लिश भाय।।

नमस्कार की ठठरी कस दी,
मर्यादा भी गई मसान।
मात-पिता का वृद्धाश्रम अब,
बना ठिकाना और पहचान।।
हवा चली है पश्चिम की जो,
सत्व तुम्हारा दे न मिटाय।
संस्कार की चिता जलाकर,
उनको केवल इंग्लिश भाय।।

ब्रांडेड एलन सॉली-प्यूमा,
के खाँचे से निकले चंद।
फ़ैशन के ये ब्रांड निराले,
बेचे पेंट लगे पैबंद।।
जिसे पहनकर यंगर समझे,
खुद को बाबू-सोना बाय।
संस्कार की चिता जलाकर,
उनको केवल इंग्लिश भाय।।

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रचनाकार परिचय

ज्योति जैन 'ज्योति'

ईमेल : jyotijain2223@gmail.com

निवास : कोलाघाट (पं० बंगाल)

जन्मस्थान- बाली (हावड़ा)
शिक्षा- बी०ए० (C.U)
लेखन विधाएँ- कविता, दोहा, मुक्तक, गीत, ग़ज़ल, लघुकथा, आलेख, 
हाइकु, माहिया एवं छंद मुक्त,कविताएँ।

प्रकाशित कृतियाँ- महावीर दोहा चालीसा 'मेरे मन के सारथी' और 'धूप-छांँव-सी ज़िंदगी' दोहा संकलन प्रकाशित। 16 समवेत संकलनों में रचनाएंँ प्रकाशित। हिंदी की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर रचनाओं का प्रकाशन।
प्रसारण- रेडियो जंक्शन, आकाशवाणी लखनऊ, कोलकाता आकाशवाणी से काव्य पाठ।
सम्मान- साहित्य शारदा मंच खटीमा, उत्तराखंड द्वारा 'दोहा शिरोमणि', विश्व हिंदी लेखिका मंच द्वारा 'अमृता प्रीतम कवयित्री सम्मान', कवितालोक साहित्यांगन द्वारा 'काव्य रत्न सम्मान'
निवास- C/0 चिराग वस्त्रालय, पुराना बाज़ार, जैन मंदिर के पास, कोलाघाट, पूर्व मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल)- 721134
मोबाइल- 8167884427